भारतीय जनता पार्टी कई वार्ड में घिर चुकी है, क्या यह मतदान तिथि तक बरकरार रहेगा

 भारतीय जनता पार्टी कई वार्ड में घिर चुकी है, क्या यह मतदान तिथि तक बरकरार रहेगा


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उज्जैन।मध्यप्रदेश नगरीय निकाय चुनाव के पहले चरण के मतदान की   उल्टी गिनती शुरू हो चुकी हे। आर एस एस और उसके अनुषांगिक संगठनों के द्वारा उदयपुर घटना को प्रमुखता से सोशल मीडिया पर प्रसारित किए जाने के बाद भी भाजपा की मुसीबतें कम होने का नाम नहीं ले रही है। भारतीय जनता पार्टी को उम्मीद थी कि उदयपुर में हुई घटना का लाभ नगरीय निकाय चुनाव में उसे भरपूर मिलेगा परंतु जनता ने इस घटना को पूरी तरह नकार दिया हे। चुनाव का परिणाम क्या होगा यह तो अभी कहना मुश्किल है। परंतु भारतीय जनता पार्टी के सामने जैसे-जैसे मतदान की तिथि नजदीक आती जा रही हैं, उसके सामने कड़ी चुनौतियां पेश होने जा रही है।

    भारतीय जनता पार्टी ने वार्ड 28 से इस बार पूर्व पार्षद सुनील गोयल को टिकट दिया गया था।उनका नाम लिस्ट जारी होने के बाद भूमाफिया पूर्व पार्षद सत्यनारायण चौहान को  टिकट दे दिया इससे माली समाज  दो भागों में विभाजित हो गया है। इसका चुनाव नतीजों पर कितना असर पड़ेगा यह कहना मुश्किल है।परंतु माली समाज में यह आम चर्चा है कि भारतीय जनता पार्टी माली समाज से उन्ही घिसे पिटे चेहरों को चुनाव मैदान में उतार रही है जबकि कई युवा बीजेपी में तैयार हो चुके हैं।उन्हें दरकिनार कर दिया गया। यही कारण है कि यही कारण है कि सुनील गोयल का टिकट कटने के बाद बड़ी संख्या में माली समाज के कार्यकर्ता पूर्व मंत्री पारस जैन को उनके निवास पर जाकर काफी खरी-खोटी सुनाई,हालाकि गोयल  को किसी तरह भविष्य का लॉलीपॉप देकर संतुष्ट कर लिया गया परंतु उनके समर्थक चौहान की कब्र खोदने पर उतारू हो गए। इनके सामने कांग्रेस की ओर से रेखा सुरेश गोयल को टिकट दिया गया है। 

      इस बारे में एक दिलचस्प जानकारी सामने आ रही है कि इस वार्ड की शिकारी गली के करीब सो मुस्लिम कार्यकर्ता और नेता कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ से भोपाल जाकर मिले और कहा कि हमारी गली में लगभग 700 मत मुस्लिम समाज के हैं। आप रेखा सुरेश गहलोत को टिकट दे और उसकी जीत की गारंटी ले। इस तरह कमलनाथ के कहने के बाद रेखा सुरेश गैहलोत को टिकट दिया गया।मुस्लिम समाज इस वार्ड में हमेशा से निर्णायक रहा है।

    यही हालात वार्ड 26 की है, यह क्षेत्र माली समाज का बहुल वाला रहा है। इस वार्ड में भारतीय जनता पार्टी ने पिछले दो दशक से अधिक समय से चुनाव लड़ रही गीता रामी को चुनाव मैदान में उतारा है, परंतु इस बार उनकी राह आसान नजर नहीं आ रही है, इसके पीछे कारण यह है कि माली समाज इसको लेकर भी काफी मुखर हो गया है।  यहां से कांग्रेस ने प्रेमलता ओम रामी को चुनाव मैदान में उतार कर गीता रामी की मुसीबत दुगनी कर दी हे।

     यहां भी एक बड़ी दिलचस्प बात सामने आ रही है। माली समाज के एक बहुत बड़े वर्ग ने बड़ी संख्या में चुनावी चंदा इकट्ठा कर प्रेमलता रामी को राशि एकत्रित कर भेंट की है, ताकि वह इस चुनावी मुकाबले में अपना वर्चस्व हासिल करें और विरोधी प्रत्याशी को चुनावी मैदान में चित कर विजयश्री हासिल करें।अब यह देखना होगा कि माली समाज का खेल कितना सार्थक होता है या सब हवा-हवाई रह जाता है।

      नागोरी समाज का तोपखाना इलाके से सटा मोहल्ला में एक बड़ा वर्ग नागोरी समाज के मतदाता का है। इस वार्ड में कांग्रेस ओर भारतीय जनता पार्टी ने नागोरी समाज की महिला प्रत्याशियों को चुनाव मैदान में उतारा है। आम आदमी पार्टी ने भी नागोरी समाज की महिला को टिकट देकर मुकाबला बड़ा दिलचस्प बना दिया है। कांग्रेस पार्टी से रुखसाना अनवर नागोरी को टिकट दिया गया है जबकि भारतीय जनता पार्टी ने तबस्सुम आसिफ नागोरी को टिकट दिया है। मुस्लिम क्षेत्र के अधिकांश इलाकों में देशभर में जो मुस्लिमों के खिलाफ सरकार कार्रवाई कर रही है उसको लेकर भी एक बड़ा असंतोष देखने को मिल रहा है।