कांग्रेस की मिल रही चुनौती से मुख्यमंत्री के बाद अब ज्योतिराज सिंधिया की छोटे चुनाव में एंट्री

 कांग्रेस की मिल रही चुनौती से मुख्यमंत्री के बाद अब ज्योतिराज सिंधिया की छोटे चुनाव में एंट्री


 उज्जैन।मध्य प्रदेश में नगरीय निकाय चुनाव बड़े दिलचस्प मोड़ पर पहुंच गए हैं, यह पहली बार हो रहा है की उज्जैन में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को भी अपने प्रत्याशियों को जिताने के लिए अपनी ताकत झोंकने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। हालांकि इसके पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ और वर्तमान मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान दो बार उज्जैन में अपने कमजोर प्रत्याशियों के लिए एड़ी से चोटी का जोर लगा चुके हैं। आने वाले चुनाव नतीजे इन नेताओं के आगमन के बाद क्या चुनाव नतीजे प्रभावित करने में सक्षम होगे या फिर उनकी मेहनत पानी में चली जायेगी।

       नगर निगम चुनाव में पहली बार यह देखने को मिल रहा है कि कांग्रेस ने महापौर से लेकर पार्षद पद के प्रत्याशी बड़े मजबूत खड़े किए हैं। इसी वजह से बीजेपी को भी कांग्रेस प्रत्याशियों से कड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। यही कारण है कि प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को अपने कमजोर प्रत्याशियों के क्षेत्रों में जाकर आम सभा करने के लिए मजबूर होना पड़ा है, हालांकि पूर्व में भी शहर में प्रत्येक वार्ड में वह रोड शो करते आ रहे हैं, परंतु इस बार उन चुनिंदा वार्डो में ही जाकर अपने प्रत्याशियों के लिए वोट मांग रहे हैं।

      पूर्व विधायक और सिंधिया समर्थक राजेंद्र भारती के दो समर्थकों को भारतीय जनता पार्टी की ओर से टिकट दिया गया है। यह दोनों ही प्रत्याशी अपने-अपने वार्डों में विरोधियों के साथ बीजेपी समर्थक बागियों से जूझ रहे हैं। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सिंधिया समर्थक दिलीप परमार को जिताने के लिए उज्जैन पहुंचे थे। वही दूसरे समर्थक वार्ड 37 से संग्राम सिंह भाटिया को जिताने के लिए कल ज्योतिरादित्य सिंधिया पहुंच रहे हैं।

    दिलीप सिंह परमार पूर्व में भी वार्ड पांच से कांग्रेस के पार्षद रहे हैं और उनकी लोकप्रियता भी वार्ड में बरकरार है। उनके भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने के बाद वहां से भाजपा से टिकट की आस लगाए करणी सेना के नेता अशोक सिंह गहलोत भी जमकर चुनाव प्रचार कर रहे हैं ,इसके अलावा छोटा या बड़ा चुनाव हो यह देखा गया है कि ब्राह्मण समाज का वोट भारतीय जनता पार्टी के खाते में जाता रहा है। इस बार गेहलोत के साथ ब्राम्हण समाज के धर्मेंद्र पंड्या ने चुनाव में खड़े होकर भाजपा प्रत्याशी को नुकसान पहुंचाने का पूरा इंतजाम कर दिया है। कांग्रेस पार्टी ने आनंद देशवाली को टिकट दिया गया है ,वह कितना जोर मार पाएंगे यह अभी कहना मुश्किल हे। असली लड़ाई भाजपा के परमार और करणी सेना के अशोक गहलोत के बीच में ही होने जा रही है। इसी वजह से मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को प्रचार करने के लिए वार्ड में पहुंचना पड़ा।

     इसी तरह एक और सिंधिया समर्थक संग्राम सिंह भाटिया वार्ड 35 से चुनाव मैदान में खड़े हुए हैं,उनका मुकाबला कांग्रेस के ब्लॉक अध्यक्ष अशोक उदयवाल से होने जा रहा है। इस वार्ड में बड़े कांटे की टक्कर मानी जा रही है और ऊंट किसी भी करवट बैठ सकता है। इसी वजह से सिंधिया को यहां इस छोटे चुनाव में प्रचार करने के आने को मजबूर होना पड़ा है। यहां से एक और ब्राह्मण प्रत्याशी महेश तिवारी ने भी आकर भारतीय जनता पार्टी के वोटों में सेंध लगाने का प्रयास किया है। हालांकि पूर्व नगरीय निकाय चुनाव में सिंधिया समर्थकों को बड़ी संख्या में कांग्रेस पार्टी से टिकट मिलते आए थे । सिंधिया के एक और समर्थक संजय ठाकुर के दो प्रत्याशी भी चुनाव मैदान में है, उनका क्या होगा यह कहना अभी मुश्किल है। परंतु चारों सिंधिया समर्थक प्रत्याशी कांग्रेस के साथ भारतीय जनता पार्टी के समर्थकों से  घिर चुके हैं।