मंडी परिसर में गैर कृषि व्यवसाय करने वाले व्यापारी कलेक्टर से मिले

मंडी परिसर में गैर कृषि व्यवसाय करने वाले व्यापारी कलेक्टर से मिले
 उज्जैन।कृषि उपज मंडी परिसर में गैर कृषि व्यवसाय करने वाले व्यवसायियों को मंडी प्रशासन द्वारा सूचना पत्र के परिपेक्ष में मंगलवार को व्यापारियों का एक प्रतिनिधि मण्डल जिला कलेक्टर से मिला और उन्होंने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए उनसे और समयावधि दिए जाने की मांग की। कलेक्टर ने आश्वस्त किया कि भोपाल से इस संबंध में चर्चा करके बताएंगे। इसके अलावा कई व्यापारी मंडी प्रशासन के द्वारा दिए गए सूचना पत्र के खिलाफ न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है जहां कल इस मामले में सुनवाई होगी।
   मंडी प्रशासन द्वारा मंडी परिसर से गेर कृषि व्यवसाय करने वाले व्यापारियों को बाहर करने के लिए दिए गए सूचना पत्र की अवधि सोमवार को समाप्त हो गई ।इसी सिलसिले में जिला कलेक्टर शशांक मिश्र से व्यापारियों का एक प्रतिनिधि मण्डल मिला अपनी पूरी व्यथा बताते हुए कहा कि मंडी परिसर में पिछले 40 वर्षों से कृषि से जुड़े व्यापार व्यवसाय करते आ रहे हैं।
    कृषि से जुड़े व्यवसाय विक्रेता संघ संघ के अध्यक्ष राजेश बंसल के नेतृत्व में जिला कलेक्टर को बताया कि मंडी परिसर के अंदर किसानों से संबंधित वस्तुओं का व्यापार करते आए हैं। जिनमें खाद, बीज, खली, पशु आहार, मोटर पंप, पाइप आदि सामान किसानों को सुविधा के हिसाब से विक्रय कर रहे हैं ।उन्होंने कहा कि प्रशासन द्वारा दिए गए सूचना के परिपेक्ष में कृषि मंत्री सचिन यादव से भी भोपाल में मुलाकात करके आए हैं उन्होंने भी आश्वस्त किया कि इस मामले को देखेंगे। उन्होंने कहा कि  आपसे भी अनुरोध है कि इस मामले का निराकरण कर हमें राहत प्रदान करें।
     कृषि उपज मंडी के सचिव हरगोविंद सोनगरा ने बताया कि व्यापारियों द्वारा दिए गए ज्ञापन के दौरान जिला कलेक्टर के द्वारा उन्हें भी ज्ञापन के दौरान  बुलाया गया था।इस मामले में कलेक्टर को पूरी जानकारी दी। इस अवसर पर कलेक्टर ने व्यापारियों से पूछा की हम्मालो की मजदूरी की दरे कोन  निर्धारित करता है। मंडी व्यापारियों ने बताया कि मंडी समिति ही यह दरें तय करती आ रही है। व्यापारियों ने कहा कि अगर वह मंडी से बाहर हो जाते हैं इससे एक हजार परिवार प्रभावित होगे।
        मंडी प्रशासन द्वारा व्यापारियों को दिए गए सूचना पत्र के खिलाफ कई व्यापारियों ने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है ।बताया जाता है कि इस मामले की बुधवार को जिला अदालत में सुनवाई होगी। जिसके बाद मंडी प्रशासन कोई कार्रवाई करेगा।
    व्यापारियों द्वारा जिला कलेक्टर को दिए ज्ञापन का  वाचन मनीष जैन गावड़ी ने किया गया।इस अवसर पर
मुकेश बंसल. दिलीप जैन अशोक जैन राकेश माहेश्वरी अभय दाता चंद्र प्रकाश  तिवारी सत्य प्रकाश आर्य सुधीर पाटीदार राजेश जैन योगेश कोचर दिलीप छाजेड़ विनोद जैन मोहित अग्रवाल रमाकांत बजाज राजेश बंसल दिलीप बंसल सहित करीब 80 व्यापारी मौजूद थे।
      इसी तरह सर्व हिताय कृषि व्यापारी सेवा समिति के अध्यक्ष संजय रघुवंशी ने मुख्यमंत्री,कृषि मंत्री, प्रबंध संचालक मंडी बोर्ड एवं सचिव के नाम पर एक ज्ञापन एसडीएम राकेश मोहन त्रिपाठी को सौंपा।ज्ञापन में मांग की है कि मुख्यमंत्री जी की मंशा अनुसार किसानों को एक ही प्रांगण में कृषि आदानों की उपलब्धता सुनिश्चित हो इसी आधार पर उज्जैन मंडी में खाद, बीज , खली , कृषि पाइप आदि का व्यापार कृषि आदान विक्रेता संघ के सदस्य द्वारा किया जाता है । लेकिन स्थानीय मंडी प्रशासन द्वारा बार-बार लीज डीड के नियमों का हवाला देकर उन्हें बाहर करने का आदेश प्रदान की जाते हैं।
 इस समस्या के स्थाई निदान  हेतु आवश्यक है कि मंडी एक्ट में संशोधन किया जावे और प्रदेश की सभी कृषि उपज मंडियों में खाद, बीज, कीटनाशक दवाइयां , कृषि पाइप आदि बेचने की अनुमति प्रदान की जावे ताकि प्रदेश के किसानों को एक ही प्रांगण में कृषि उपयोगी सामग्री उपलब्ध हो सके।